सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़ा बड़ा अपडेट: दिशा सालियान मामले में CBI की नई जांच शुरू, 50 से ज्यादा नाम FIR में शामिल

सितंबर 2026 में CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में नई FIR दर्ज की है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई इस जांच में हत्या, सामूहिक बलात्कार और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जानिए पूरा मामला, FIR में किन-किन के नाम हैं और आगे क्या होगा।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के छह साल बाद एक बार फिर उनका नाम चर्चा में है। इसकी वजह सुशांत की मौत की जांच में कोई नया निष्कर्ष नहीं, बल्कि उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की नई कार्रवाई है। सितंबर 2026 में CBI ने दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में FIR दर्ज की है। इसके बाद एक बार फिर सुशांत और दिशा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।

दिशा सालियान केस में CBI ने दर्ज की FIR

रिपोर्ट के मुताबिक, CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने 13 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2026 के आदेश के बाद की गई। अदालत ने CBI को निर्देश दिया था कि वह दिशा की मौत की जांच करे, प्राथमिकी दर्ज करे और एक वरिष्ठ अनुभवी अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करे।

अदालत ने यह भी कहा था कि मुंबई पुलिस ने छह साल तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की और जांच अनिश्चित काल तक नहीं चल सकती। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस की जांच से जवाब कम और सवाल ज्यादा मिलते हैं।

सुशांत सिंह राजपूत से इसका क्या संबंध है?

दिशा सालियान, सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर के तौर पर काम कर चुकी थीं। दिशा की मौत जून 2020 में हुई थी, जबकि सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु कुछ दिनों बाद मुंबई में हुई। इसी वजह से दोनों घटनाओं को लेकर पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में तरह-तरह के दावे किए जाते रहे हैं।

हालांकि, दिशा सालियान मामले में CBI की नई FIR अपने आप सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में कोई नया निष्कर्ष साबित नहीं करती। दोनों मामलों के बीच किसी भी संभावित कड़ी को लेकर जांच एजेंसी को उपलब्ध सबूतों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना होगा।

मामले की मुख्य समयरेखा

तिथिघटना
8 जून 2020दिशा सालियान की मुंबई के मालाड इलाके में 12वीं मंजिल से गिरकर मौत
14 जून 2020सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए
2020-2021मुंबई पुलिस ने जांच की, आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की
2023-2024SIT की जांच, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं
2 सितंबर 2026बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को जांच का आदेश दिया
11 सितंबर 2026CBI ने दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया
13 सितंबर 2026CBI स्पेशल क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज की
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FIR में कौन-कौन सी धाराएं शामिल हैं?

CBI की FIR में भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराएं शामिल हैं:

  • आपराधिक साजिश
  • सामूहिक बलात्कार
  • हत्या
  • सबूत मिटाना
  • अपराधियों को बचाने के लिए झूठी सूचना देना
  • सार्वजनिक सेवकों द्वारा कथित कदाचार

FIR में शामिल 50 से ज्यादा नाम

प्राथमिकी में 50 से अधिक व्यक्तियों के नाम या भूमिकाओं का उल्लेख है, जिनमें प्रमुख नाम हैं:

  • आदित्य ठाकरे – शिवसेना (UBT) नेता, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र
  • उद्धव ठाकरे – पूर्व महाराष्ट्र मुख्यमंत्री
  • रिया चक्रवर्ती – अभिनेत्री, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रेमिका
  • सूरज पंचोली – अभिनेता
  • दिनो मोरिया – अभिनेता
  • परमबीर सिंह – पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त
  • सचिन वाजे – पुलिस अधिकारी
  • विशाल ठाकुर – पूर्व DCP
  • मालवानी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन PI
  • SIT सदस्य, एक डॉक्टर, एक केमिकल एनालिस्ट

महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टीकरण

FIR में नाम होना ≠ आरोपी होना

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जांच अधिकारी द्वारा ठोस सबूत और उचित संदेह पाए जाने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा। FIR में शामिल नाम केवल जांच के दायरे को दर्शाते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि उन पर आरोप तय हो गए हैं।

अदालत ने कहा: “किसी भी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाएगा जब तक कि जांच अधिकारी की राय में जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री के आधार पर उसके खिलाफ उचित संदेह पैदा करने के लिए पर्याप्त आधार न हों।”

संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं

आदित्य ठाकरे का इनकार

आदित्य ठाकरे ने 16 सितंबर को पहली बार सार्वजनिक रूप से जवाब दिया। उन्होंने X पर लिखा: “मैंने कभी दिशा सालियान से मुलाकात नहीं की और न ही उन्हें जानता हूं। मेरे नाम को इस दुखद मामले से जोड़ना स्पष्ट राजनीतिक और व्यक्तिगत उद्देश्यों वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा लगभग 6 वर्षों से चरित्र हनन का जानबूझकर, सबूत-रहित प्रयास है।”

सतीश सालियान की मांग

दिशा के पिता सतीश सालियान ने CBI को दिए बयान में दोषियों के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड की मांग की।

सूरज पंचोली की प्रतिक्रिया

अभिनेता सूरज पंचोली ने इंस्टाग्राम पर कहा कि उन्होंने कभी दिशा सालियान से मुलाकात नहीं की, न ही आदित्य ठाकरे से, और वे CBI जांच में सहयोग करना जारी रखेंगे।

उद्धव ठाकरे की चेतावनी

उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके परिवार का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, और “चरित्र हनन” का अभियान जारी रहा तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सतीश सालियान का मानहानि नोटिस

दिशा के पिता ने आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा, जिसमें उनके खिलाफ “झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप” का हवाला दिया गया।

पहले की जांच में क्या पाया गया

मुंबई पुलिस की जांच (2020-2021)

पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि दिशा की मृत्यु में कोई संदिग्धता नहीं है और सुशांत की मृत्यु से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने यह भी खारिज किया कि उन्होंने मृत्यु से पहले राजनेताओं के साथ पार्टी की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गर्भावस्था के दावों को गलत साबित किया।

SIT की जांच (2023-2024)

दिसंबर 2023 में तत्कालीन शिंदे-फडणवीस सरकार ने SIT गठित की। SIT अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कई लोगों को समन भेजा, लेकिन कोई भी बयान दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आया, इसलिए जांच आगे नहीं बढ़ सकी।

जांच में क्या पाया गया – मुख्य संदेह

कोर्ट ने शुरुआती जांच में कई गंभीर खामियां पाईं:

  • घटनास्थल की जांच में लगभग 9 घंटे की देरी हुई
  • 12वीं मंजिल से गिरने के बावजूद सिर्फ ठुड्डी पर हल्की चोट थी, चेहरे की हड्डियों में कोई फ्रैक्चर नहीं
  • घटनास्थल पर खून नहीं मिला, जबकि गवाहों ने खून देखने का दावा किया
  • कई लोगों को समन भेजे गए, लेकिन कोई बयान दर्ज कराने नहीं आया

आगे क्या होगा?

यह मामला अभी प्रारंभिक जांच के चरण में है। CBI जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

  • यदि कोई संज्ञेय अपराध पाया जाता है, तो CBI आरोप पत्र दायर करेगी
  • यदि कोई अपराध नहीं पाया जाता है, तो क्लोजर रिपोर्ट दायर की जाएगी

अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकी में नाम का होना आरोपी होने के बराबर नहीं है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. दिशा सालियान कौन थीं?

दिशा सालियान एक सेलिब्रिटी मैनेजर थीं, जिन्होंने कुछ समय सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम किया था। उनकी मृत्यु 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में 12वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी।

Q2. CBI ने FIR कब दर्ज की?

CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने 13 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2026 के आदेश के बाद की गई।

Q3. FIR में कितने लोगों के नाम हैं?

FIR में 50 से अधिक व्यक्तियों के नाम या भूमिकाओं का उल्लेख है।

Q4. क्या FIR में नाम होने का मतलब आरोपी होना है?

नहीं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच अधिकारी द्वारा ठोस सबूत और उचित संदेह पाए जाने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा।

Q5. सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में क्या नया हुआ है?

सुशांत की मौत की जांच में कोई नया निष्कर्ष नहीं आया है। चर्चा दिशा सालियान की मौत की CBI जांच को लेकर है।

Q6. आगे क्या होगा?

CBI जांच करेगी। यदि कोई संज्ञेय अपराध पाया जाता है, तो आरोप पत्र दायर किया जाएगा; यदि नहीं, तो क्लोजर रिपोर्ट दायर की जाएगी।

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