Bigg Boss 20: रियलिटी शो बिग बॉस 20 अब सिर्फ टास्क और लड़ाई-झगड़ों तक सीमित नहीं रहा है। जैसे-जैसे शो आगे बढ़ रहा है, घर के कंटेस्टेंट्स अपनी जिंदगी के ऐसे किस्से भी सामने ला रहे हैं, जिनके बारे में उन्होंने शायद ही कभी खुलकर बात की हो। कनिका मान, ईशा रिक्खी, उदिति सिंह और दूसरे कंटेस्टेंट्स के बाद अब मैरी कॉम ने अपनी जिंदगी के बेहद मुश्किल दौर को याद किया।
ईशा रिक्खी को संभालते हुए मैरी कॉम खुद भावुक हो गईं। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में एक ऐसा समय भी आया था जब वह अंदर से पूरी तरह टूट गई थीं और उनके मन में अपनी जिंदगी खत्म करने का विचार तक आया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि उनके छोटे बच्चों ने उन्हें आगे बढ़ने की वजह दी।
ईशा को संभालते-संभालते खुद रो पड़ीं मैरी कॉम
बिग बॉस के घर में ईशा रिक्खी अपने पुराने रिश्ते और उससे जुड़े emotional struggles को लेकर परेशान थीं। इसी दौरान मैरी कॉम, रीति तिवारी, आम्रपाली दुबे और कनिका मान उनके साथ बातचीत कर रही थीं।
ईशा को समझाने के दौरान मैरी ने अपनी जिंदगी के संघर्षों को भी याद किया। बात आगे बढ़ी तो वह खुद अपने पुराने दर्द को याद कर भावुक हो गईं।
छह बार की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर ने बताया कि रिंग में मजबूत दिखाई देने के बावजूद उनकी जिंदगी में ऐसा दौर आया था, जब वह खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं।
‘मैं बहुत मजबूत हूं, लेकिन उस साल टूट गई थी’
मैरी कॉम ने बताया कि वह खुद को हमेशा मजबूत मानती रही हैं, लेकिन जिंदगी का एक दौर ऐसा भी आया जब वह मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद मुश्किल स्थिति में थीं।
उन्होंने उस बातचीत में बताया कि उनके मन में अपनी जिंदगी खत्म करने का ख्याल आया था। लेकिन उनके छोटे बच्चे उनके लिए आगे बढ़ने की वजह बने।
मैरी के मुताबिक, उस समय उनके बच्चे काफी छोटे थे और उन्होंने उन्हीं के लिए खुद को संभाला। उनका यह खुलासा सुनकर बिग बॉस के घर का माहौल भी काफी भावुक हो गया।
रिंग में चैंपियन, लेकिन जिंदगी में भी लड़ीं बड़ी जंग
मैरी कॉम की पहचान दुनिया के सामने एक बेहद मजबूत boxer की रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और छह बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वह ओलंपिक पदक भी जीत चुकी हैं।
लेकिन Bigg Boss 20 में उनकी बातों ने उनके जीवन का एक अलग पहलू सामने रखा।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही उन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया और परिवार, राज्य तथा देश के लिए काफी त्याग किया। उनके लिए boxing सिर्फ एक खेल नहीं रही, बल्कि संघर्षों से बाहर निकलने का एक रास्ता भी रही।
आज भी जीत की भूख बाकी है
मैरी कॉम ने बातचीत के दौरान अपने खेल को लेकर भी एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि उनके लिए एक, दो या तीन medals भी पर्याप्त नहीं थे। उनके अंदर हमेशा और जीतने की भूख रही।
हालांकि, उम्र की वजह से अब वह competitive boxing में पहले की तरह हिस्सा नहीं ले सकतीं। इसके बावजूद उनकी बातों से साफ था कि खेल के प्रति उनका जुनून आज भी कम नहीं हुआ है।
‘बहुत रो चुकी हूं, अब आंसू अंदर रखने पड़ते हैं’
बातचीत के दौरान मैरी कॉम ने यह भी बताया कि जिंदगी में उन्होंने इतना रोया है कि अब धीरे-धीरे अपनी भावनाओं को अंदर रखने की आदत हो गई है।
उनकी इस बात ने दिखाया कि किसी इंसान की बाहरी मजबूती के पीछे कई अनकहे संघर्ष भी छिपे हो सकते हैं।
मैरी कॉम ने अपनी जिंदगी के जिस दौर को Bigg Boss के घर में साझा किया, वह उनके करियर की उपलब्धियों से बिल्कुल अलग कहानी थी। एक तरफ वह दुनिया की सफल boxers में गिनी जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि निजी जिंदगी में उनके सामने ऐसे पल आए जब चीजें उनके लिए बेहद मुश्किल हो गई थीं।
मैरी कॉम के चार बच्चे हैं
मैरी कॉम और उनके पूर्व पति ओनलर कॉम चार बच्चों के माता-पिता हैं। अपने बच्चों का जिक्र करते हुए ही मैरी ने बताया कि उनके छोटे बच्चों ने मुश्किल दौर में उन्हें आगे बढ़ने की वजह दी थी।
उनका यह खुलासा Bigg Boss 20 के अब तक के सबसे emotional moments में से एक बन गया है।
क्यों खास है मैरी कॉम का यह खुलासा?
मैरी कॉम की कहानी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह लंबे समय से strength और determination की मिसाल मानी जाती रही हैं। लेकिन Bigg Boss 20 में उन्होंने अपनी vulnerability को भी सामने रखा।
उनकी बातों से यह संदेश सामने आता है कि किसी व्यक्ति की उपलब्धियां उसके निजी संघर्षों को खत्म नहीं कर देतीं। कई बार बेहद सफल और मजबूत दिखने वाले लोग भी कठिन भावनात्मक दौर से गुजर सकते हैं।
मैरी कॉम ने अपने अतीत के इस हिस्से को साझा करते हुए अपने बच्चों को उस समय अपनी सबसे बड़ी वजह बताया। उनका यह खुलासा अब Bigg Boss 20 के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले emotional moments में शामिल हो गया है।