वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 एक केंद्रीय कानून है जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाना है। इस कानून के माध्यम से वक्फ बोर्डों की शक्तियों में वृद्धि की गई है, जिससे वे वक्फ संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें। कानून का दावा है कि इससे वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और अतिक्रमण को रोका जा सकेगा।

   पश्चिम बंगाल म विरोध के कारण राज्य सरकार की आपत्ति: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि यह कानून राज्य के अधिकारों का उल्लंघन करता है।  धार्मिक और सांस्कृतिक चिंताएं: कुछ मुस्लिम संगठनों का मानना है कि इस कानून से वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप होगा, जो इस्लामी मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है 

  राज्य सरकार और न्यायालय की  प्रतिक्रिया: केंद्रीय बलों की तैनाती: कलकत्ता हाई कोर्ट ने हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का आदेश दिया है ताकि कानून व्यवस्था बहाल की जा सके।  राज्यपाल की चेतावनी: राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है,