जब दो देश आपसी सहमति से युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमत होते हैं और फिर उनमें से कोई एक या दोनों देश इस समझौते के बावजूद गोलीबारी या आक्रामक कार्रवाई करते हैं, तो इसे सीज़फायर उल्लंघन (Ceasefire Violation) कहा जाता है। उदाहरण: अगर भारत और पाकिस्तान LoC पर सीज़फायर समझौते में हैं, और पाकिस्तान अचानक गोलाबारी शुरू कर देता है, तो यह उल्लंघन माना जाएगा।

सीज़फायर उल्लंघन के बाद क्या होता है?  सेना की जवाबी कार्रवाई  – भारत की सेना आमतौर पर "पिनपॉइंट रिटैलिएशन" करती है – यानी जहाँ से हमला हुआ, वहीं जवाबी हमला। – पाकिस्तान की ओर से भी जवाब आने की आशंका रहती है, जिससे घातक मुठभेड़ शुरू हो सकती है। 2. नागरिकों को नुकसान  – LoC या सीमा के आसपास रहने वाले आम नागरिक सीधे खतरे में 

राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव  दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध बिगड़ते हैं।  संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, रूस जैसे देशों की नजरें उन पर जाती हैं।  कई बार राजदूतों को बुलाकर विरोध जताया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया   UN विशेषकर UNMOGIP (United Nations Military Observer Group in India and Pakistan) स्थिति की निगरानी करता है।  लेकिन उसकी भूमिका केवल "पर्यवेक्षक" की होती है – कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकता।

सीमा  पर सैनिकों की संख्या और तनाव बढ़ना   सेना को अलर्ट मोड पर डाल दिया जाता है। अतिरिक्त सैनिक तैनात होते हैं,  जिससे युद्ध जैसे हालात बनने लगते हैं।

कानूनी और अंतरराष्ट्रीय नियम युद्ध और सीज़फायर उल्लंघन जैसे मामलों में जिनेवा कन्वेंशन, UN चार्टर, और द्विपक्षीय समझौते लागू होते हैं। लेकिन इनका उल्लंघन रोकने के लिए कोई दंडात्मक शक्ति अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रायः नहीं होती।