ज्योति मल्होत्रा: यूट्यूबर जिसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया

परिचय

17 मई 2025 को हरियाणा के हिसार में एक चौंकाने वाली घटना ने सुर्खियां बटोरीं, जब मशहूर यूट्यूबर और ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। ज्योति, जो अपने यूट्यूब चैनल “Travel with Jo” और “Desi-Indo-Joe” के लिए जानी जाती हैं, पर भारतीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के साथ साझा करने का गंभीर आरोप है। इस लेख में हम ज्योति मल्होत्रा के जीवन, उनके करियर, गिरफ्तारी के कारणों, और इस मामले के व्यापक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

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ज्योति मल्होत्रा कौन हैं?

ज्योति मल्होत्रा हरियाणा के हिसार जिले की निवासी हैं। 33 वर्षीय ज्योति ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई पूरी की है। वह एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ट्रैवल ब्लॉगर हैं, जिनके यूट्यूब चैनल पर 3.77 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 1.32 लाख फॉलोअर्स हैं। उनके व्लॉग्स में भारत और विदेशों की यात्राओं, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, और बाजारों की झलकियां शामिल होती हैं। खास तौर पर उनके पाकिस्तान यात्रा के वीडियो, जैसे लाहौर के अनारकली बाजार, कटास राज मंदिर, और वहां की संस्कृति पर आधारित कंटेंट, ने काफी लोकप्रियता हासिल की।

ज्योति का जन्म हिसार के न्यू अग्रसेन कॉलोनी में हुआ, और उनके पिता हरीश कुमार मल्होत्रा बिजली निगम से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। अविवाहित ज्योति ज्यादातर समय दिल्ली में बिताती हैं और अपने सोशल मीडिया करियर पर ध्यान देती हैं। उनके पासपोर्ट की वैधता 21 अक्टूबर 2028 तक है, और उनके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और हाल के आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि में हुई। खास तौर पर, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 25 पर्यटक मारे गए थे, ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क कर दिया। इस हमले के बाद भारत ने अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए, जिसमें संदिग्ध जासूसी नेटवर्कों पर नकेल कसना शामिल था।

15 मई 2025 को हिसार पुलिस ने डीएसपी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में ज्योति को उनके घर से हिरासत में लिया। सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4, और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा, और मामला हिसार की आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया।

जासूसी के आरोप

ज्योति पर आरोप है कि उन्होंने 2023 में पाकिस्तान हाई कमीशन के माध्यम से वीजा प्राप्त कर पाकिस्तान की दो बार यात्रा की। इस दौरान उनकी मुलाकात नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। दानिश को 13 मई 2025 को भारत सरकार ने जासूसी के आरोप में अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दिया था।

जांच में पता चला कि दानिश ने ज्योति को पाकिस्तानी खुफिया एजेंट्स, जैसे अली अहसान और शाकिर उर्फ राणा शहबाज, से मिलवाया। ज्योति ने इन एजेंट्स के साथ व्हाट्सएप, टेलीग्राम, और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए संपर्क बनाए रखा। उनके फोन में शाकिर का नंबर “Jatt Randhawa” के नाम से सेव था, जो संदेह को और गहराता है।

ज्योति पर भारतीय सैन्य अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” और सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा करने का आरोप है। इसके अलावा, उन्हें पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करने और भारत विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने का काम सौंपा गया था। उनके सोशल मीडिया वीडियो में पाकिस्तान के बाजारों, संस्कृति, और सिख तीर्थ स्थलों को सकारात्मक रूप में दिखाया गया, जो जांच एजेंसियों के अनुसार प्रोपेगैंडा का हिस्सा था।

जासूसी नेटवर्क और अन्य गिरफ्तारियां

ज्योति मल्होत्रा इस जासूसी नेटवर्क की एकमात्र आरोपी नहीं हैं। हरियाणा और पंजाब से कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो इस संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे। इनमें शामिल हैं:

  1. गुजाला: पंजाब के मलेरकोटला की 32 वर्षीय विधवा, जो दानिश के लिए वीजा प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन में मदद करती थी।
  2. यामीन मोहम्मद: मलेरकोटला से गिरफ्तार, जो हवाला के माध्यम से दानिश को पैसे भेजता था।
  3. देविंदर सिंह ढिल्लों: हरियाणा के कैथल से गिरफ्तार, जिसने पटियाला छावनी के वीडियो और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी साझा की।
  4. अरमान: नूंह, हरियाणा से गिरफ्तार, जो भारतीय सिम कार्ड और रक्षा एक्सपो 2025 की जानकारी साझा करता था।
  5. एक अन्य व्यक्ति: जिसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया।

यह नेटवर्क कमजोर सामाजिक और धार्मिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को निशाना बनाता था, उन्हें भावनात्मक संबंध, पैसे, और शादी के झूठे वादों से फंसाता था।

ज्योति का कबूलनामा और जांच

पूछताछ के दौरान ज्योति ने कुछ आरोपों को स्वीकार किया और एक लिखित कबूलनामा दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात दानिश से पाकिस्तान हाई कमीशन में वीजा प्रक्रिया के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनके संबंध गहरे हो गए। ज्योति ने यह भी स्वीकार किया कि वह एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के साथ प्रेम संबंध में थी और हाल ही में उसके साथ इंडोनेशिया के बाली गई थी।

जांच एजेंसियां अब ज्योति के डिजिटल डिवाइसेज, सोशल मीडिया अकाउंट्स, और उनके संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है और क्या इसमें किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत थी।

सामाजिक और राष्ट्रीय प्रभाव

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। पहला, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बढ़ती पहुंच का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। ज्योति जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों का उपयोग विदेशी एजेंसियां प्रचार और जासूसी के लिए कर सकती हैं। दूसरा, यह मामला भारत-पाकिस्तान संबंधों में और तनाव पैदा कर सकता है, खासकर हाल के सैन्य टकराव और आतंकी हमलों के बाद।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर निगरानी को और सख्त करने की आवश्यकता पर बल दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब संदिग्ध सोशल मीडिया गतिविधियों पर गहन नजर रख रही हैं। साथ ही, यह मामला आम लोगों के लिए एक चेतावनी है कि विदेशी संपर्कों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

निष्कर्ष

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी एक हाई-प्रोफ<|xaiArtifact|> से एक जटिल और संवेदनशील मामले की गहरी जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है, लेकिन यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करता है। ज्योति के सोशल मीडिया प्रभाव का उपयोग, उनके पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के साथ कथित संबंध, और संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप न केवल उनके करियर को प्रभावित करेंगे, बल्कि सोशल मीडिया की शक्ति और इसके दुरुपयोग की संभावनाओं पर भी सवाल उठाएंगे।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह स्पष्ट होगा कि क्या ज्योति वास्तव में जासूसी में शामिल थीं या वह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थीं। फिलहाल, यह मामला भारत में सुरक्षा और निगरानी के महत्व को रेखांकित करता है, खासकर ऐसे समय में जब देश बाहरी खतरों का सामना कर रहा है।

By ROHIT