घर पर किसी को हार्ट अटैक आना एक बेहद गंभीर स्थिति है। ऐसी स्थिति में घबराना नहीं, बल्कि तुरंत सही कदम उठाना ज़रूरी है। हर सेकंड कीमती होता है, इसलिए समय पर की गई मदद मरीज की जान बचा सकती है।
हार्ट अटैक या हार्ट हेल्थ जांच के लिए आवश्यक टेस्ट
टेस्ट का नाम | उद्देश्य | कब करवाएँ | महत्व | लागत (लगभग, भारत में) |
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इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG/EKG) | हृदय की विद्युत गतिविधि की जाँच करता है, असामान्य लय या हार्ट अटैक के संकेतों का पता लगाता है। | – सीने में दर्द, साँस फूलना, या अनियमित धड़कन होने पर। – नियमित स्वास्थ्य जाँच (40+ आयु)। | – हार्ट अटैक के तीव्र लक्षणों का तुरंत पता लगाता है। – सस्ता और गैर-आक्रामक। | ₹300 – ₹1000 |
इकोकार्डियोग्राम (2D Echo) | अल्ट्रासाउंड द्वारा हृदय की संरचना, वाल्व, और रक्त प्रवाह की जाँच। | – हृदय की कमजोरी या वाल्व समस्याओं के संदेह पर। – हार्ट अटैक के बाद नुकसान का आकलन। | – हृदय की पंपिंग क्षमता और संरचनात्मक समस्याओं का पता लगाता है। | ₹1500 – ₹4000 |
ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) / स्ट्रेस टेस्ट | व्यायाम के दौरान हृदय की प्रतिक्रिया की जाँच। | – सीने में दर्द या हृदय रोग के जोखिम का आकलन। – 35+ आयु वालों के लिए नियमित जाँच। | – रक्त प्रवाह में रुकावट या इस्कीमिया का पता लगाता है। | ₹2000 – ₹5000 |
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट | कोलेस्ट्रॉल (LDL, HDL, ट्राइग्लिसराइड्स) और कुल कोलेस्ट्रॉल स्तर की जाँच। | – हर 4-6 साल में (20+ आयु)। – डायबिटीज, मोटापा, या पारिवारिक इतिहास होने पर सालाना। | – उच्च LDL और ट्राइग्लिसराइड्स हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं। | ₹500 – ₹1500 |
हाई-सेंसिटिविटी C-रिएक्टिव प्रोटीन (hs-CRP) | शरीर में सूजन (inflammation) का स्तर मापता है, जो हृदय रोग से जुड़ा है। | – हृदय रोग के जोखिम का आकलन करने के लिए। – मोटापा, धूम्रपान, या डायबिटीज होने पर। | – सूजन हार्ट अटैक का एक प्रमुख जोखिम कारक है। | ₹800 – ₹2000 |
ट्रोपोनिन टेस्ट | हृदय की मांसपेशियों को नुकसान का पता लगाने के लिए रक्त में ट्रोपोनिन स्तर की जाँच। | – सीने में दर्द या हार्ट अटैक के संदेह पर तुरंत। | – हार्ट अटैक की पुष्टि के लिए सबसे विश्वसनीय टेस्ट। | ₹1000 – ₹2500 |
कोरोनरी एंजियोग्राफी (CAG) | हृदय की धमनियों में रुकावट का पता लगाने के लिए डाई और एक्स-रे का उपयोग। | – ECG या TMT में असामान्यता होने पर। – हार्ट अटैक के बाद उपचार योजना के लिए। | – धमनियों में रुकावट की सटीक स्थिति और गंभीरता बताता है। | ₹15,000 – ₹40,000 |
कैल्शियम स्कोर टेस्ट (कोरोनरी CT) | धमनियों में कैल्शियम जमा होने की जाँच। | – हृदय रोग के मध्यम-उच्च जोखिम वालों के लिए। – पारिवारिक इतिहास होने पर। | – धमनियों में सख्त होने (atherosclerosis) का प्रारंभिक पता लगाता है। | ₹10,000 – ₹25,000 |
NT-proBNP टेस्ट | हृदय की विफलता (हार्ट फेल्यर) का आकलन करने के लिए रक्त में प्रोटीन स्तर की जाँच। | – साँस फूलना, थकान, या हार्ट फेल्यर के संदेह पर। | – हृदय की कमजोरी का शुरुआती पता लगाने में मदद करता है। | ₹1500 – ₹3500 |
ब्लड शुगर टेस्ट (HbA1c) | डायबिटीज और प्री-डायबिटीज की जाँच। | – हर 3 साल में (30+ आयु)। – डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास होने पर सालाना। | – डायबिटीज हार्ट अटैक का जोखिम 2-4 गुना बढ़ाता है। | ₹500 – ₹1500 |
लक्षण तुरंत पहचानें
1.हार्ट अटैक के आम लक्षण:
2.अचानक थकान महसूस होना
3.सीने में दबाव या कसाव (ज्यादातर बीच या बाईं तरफ)
4.दर्द का कंधे, हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना
5.सांस लेने में कठिनाई
6.ठंडा पसीना आना
7.चक्कर आना या बेहोशी
अगर मरीज बेहोश हो जाए – CPR शुरू करें
- तुरंत कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) करें:
- मरीज को पीठ के बल सख्त सतह पर लिटाएं।
- दोनों हाथ सीने के बीच रखें।
- 100–120 दबाव प्रति मिनट की स्पीड से जोर से और तेज़ दबाएं (लगभग 5–6 सेमी गहराई)।
- हर 30 कम्प्रेशन के बाद 2 रेस्क्यू ब्रीद दें (अगर ट्रेनिंग है)।
- CPR तब तक करते रहें जब तक मरीज होश में न आ जाए या मेडिकल टीम न आ जाए।
CPR सीखें: परिवार के सदस्यों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की बेसिक ट्रेनिंग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। यह बेहोशी की स्थिति में जीवन बचा सकता है। मोबाइल ऐप्स: ‘PulsePoint’ या ‘First Aid by Indian Red Cross’ जैसे ऐप्स डाउनलोड करें, जो आपातकाल में गाइड कर सकते हैं।
कदम | विवरण | महत्व |
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तुरंत मदद बुलाएँ | – 108 पर कॉल करें: भारत में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के लिए 108 डायल करें। – अपनी स्थिति और स्थान स्पष्ट बताएँ। – यदि अकेले हों, तो दरवाजा खुला रखें ताकि मदद आसानी से पहुँचे। | – समय महत्वपूर्ण है; जितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिले, उतना बेहतर। |
शांत रहें और आराम करें | – बैठ जाएँ या लेट जाएँ, सिर को थोड़ा ऊपर रखें। – तंग कपड़े ढीले करें (जैसे बेल्ट, टाई)। – गहरी और धीमी साँसें लें। | – इससे दिल पर दबाव कम होता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति बनी रहती है। |
एस्पिरिन लें (यदि उपलब्ध) | – 300 मिलीग्राम की चबाने वाली एस्पिरिन गोली लें (यदि डॉक्टर ने पहले से अनुमति दी हो)। – इसे पानी के साथ निगलने के बजाय चबाएँ। | – एस्पिरिन रक्त को पतला करती है, जिससे रक्त के थक्के कम हो सकते हैं। |
नाइट्रोग्लिसरीन (यदि निर्धारित) | – यदि आपको पहले से नाइट्रोग्लिसरीन दी गई है, तो इसे जीभ के नीचे रखें। – 5 मिनट बाद भी दर्द हो तो दूसरी खुराक लें (अधिकतम 3 खुराक)। | – यह रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करता है, जिससे दिल को ऑक्सीजन मिलता है। |
खाँसी तकनीक (सीमित उपयोग) | – यदि आप बेहोश होने की कगार पर हों, तो जोर-जोर से खाँसने की कोशिश करें। – हर 2 सेकंड में गहरी साँस लेकर खाँसें। | – यह रक्त प्रवाह को बनाए रखने में मदद कर सकता है (लेकिन केवल आपात स्थिति में)। |
किसी को सूचित करें | – पड़ोसी, परिवार, या दोस्त को तुरंत सूचित करें। – यदि अकेले हैं, तो फोन पर किसी को अपनी स्थिति बताएँ। | – यह सुनिश्चित करता है कि कोई आपके साथ है या मदद के लिए तैयार है। |
क्या नहीं करना चाहिए
- दर्द को नजरअंदाज न करें: इसे गैस या अपच समझकर अनदेखा न करें।
- अकेले अस्पताल न जाएँ: ड्राइव करने की कोशिश न करें; एम्बुलेंस की प्रतीक्षा करें।
- खाने-पीने से बचें: पानी या भोजन लेने से स्थिति बिगड़ सकती है।
- देरी न करें: लक्षण दिखने के पहले 5 मिनट में मदद बुलाएँ।
- अनावश्यक दवाएँ न लें: बिना डॉक्टरी सलाह के कोई अन्य दवा न लें।
हार्ट अटैक से बचाव के लिए दीर्घकालिक उपाय
- स्वस्थ आहार: कम नमक, कम चीनी, और कम तेल वाला भोजन। फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे मछली, अलसी) खाएँ।
- नियमित व्यायाम: रोजाना 30 मिनट मध्यम व्यायाम (जैसे तेज चलना, योग)।
- तनाव प्रबंधन: ध्यान, योग, और गहरी साँस लेने की तकनीकें अपनाएँ।
- नियमित जांच: ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, और डायबिटीज की नियमित जाँच करवाएँ।
- धूम्रपान और शराब छोड़ें: ये दिल के दौरे का जोखिम बढ़ाते हैं।
- वजन नियंत्रण: BMI को 18.5-24.9 के बीच रखें।