अहमदाबाद, बुधवार: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में बुधवार को अहमदाबाद के मैदान पर एक ऐसा गेंदबाज देखने को मिला, जिसने भारत जैसी दिग्गज टीम के सलामी बल्लेबाजों की जमीन पर जड़ें जमाने से पहले ही उखाड़ दीं। नीदरलैंड क्रिकेट टीम के युवा ऑफ-स्पिनर आर्यन दत्त ने अपनी घातक गेंदबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने भारतीय पारी के आरंभिक ओवरों में ही दो बड़े विकेट चटकाकर मैच में रोमांच पैदा कर दिया था।
आर्यन दत्त ने न सिर्फ भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और इशान किशन को पवेलियन की राह दिखाई, बल्कि अपने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 19 रन देकर 2 विकेट लेने का कारनामा किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने नीदरलैंड टीम को मैच में वापस लाने की कोशिश की, हालांकि भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आसानी से जीत हासिल कर ली, लेकिन आर्यन दत्त की गेंदबाजी निश्चित रूप से इस मैच की सबसे चर्चित बातों में से एक रही।
पहले ओवर में ही झटका पहला शिकार
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की शुरुआत जबरदस्त रही थी। भारत की ओपनिंग जोड़ी में अभिषेक शर्मा और इशान किशन विपक्षी टीमों के लिए सिरदर्द बने हुए थे। दोनों ही बल्लेबाज तूफानी अंदाज में रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बुधवार को अभिषेक शर्मा का सफर बहुत छोटा रहा।
नीदरलैंड के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और भारत को 159 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में भारतीय पारी का पहला ओवर आर्यन दत्त को सौंपा गया। कप्तान का यह फैसला शत-प्रतिशत सही साबित हुआ। आर्यन ने अपनी ऑफ स्पिन से अभिषेक शर्मा को उलझा दिया। अभिषेक, जो आक्रामक रवैये के लिए जाने जाते हैं, पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के इरादे से उतरे थे।
आर्यन दत्त ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डाली, अभिषेक ने उसे पुल शॉट खेलने का प्रयास किया। शायद वह पिच की लेंथ को भांप नहीं पाए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेते हुए सीधे स्टंप्स से जा लगी। बल्ले और पैड के बीच से निकली गेंद ने मिडिल स्टंप को चकनाचूर कर दिया। आर्यन दत्त ने खुशी का इजहार किया और पूरी नीदरलैंड टीम जश्न में डूब गई। अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। यह आर्यन दत्त के लिए एक सपने जैसी शुरुआत थी और भारत के लिए एक बड़ा झटका।
इशान किशन को भी नहीं बख्शा
अभिषेक के आउट होने के बाद इशान किशन ने मोर्चा संभाला। इशान इस टी20 वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में चल रहे थे। उन्होंने पिछले मैचों में जिस तरह की बल्लेबाजी की थी, उससे उम्मीद की जा रही थी कि वह टीम को मजबूत शुरुआत देंगे। इशान ने अपने इरादे भी साफ कर दिए थे। उन्होंने आते ही आक्रामक रुख अपनाया और कुछ चौके-छक्के लगाकर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
लेकिन आर्यन दत्त ने पांच ओवर बाद वापसी की और एक बार फिर करिश्मा कर दिखाया। उनकी गेंद पर इशान किशन ने फिर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। आर्यन ने इस बार भी लेंथ में थोड़ा बदलाव किया। गेंद सीधी रखी और थोड़ी अंदर की ओर आई। इशान ने पुल शॉट खेलना चाहा, लेकिन गेंद उनके बल्ले का निचला किनारा लेते हुए स्टंप्स से जा टकराई। इशान किशन सिर्फ 18 रन बनाकर आउट हुए, जो उन्होंने महज 7 गेंदों में बनाए थे। आर्यन दत्त ने एक बार फिर स्टंप्स बिखेर दिए थे। यह उनका मैच में दूसरा विकेट था और उन्होंने भारत के दोनों खतरनाक सलामी बल्लेबाजों को चलता कर दिया था।
आर्यन दत्त का टूर्नामेंट में प्रदर्शन
इन दो विकेटों के साथ ही आर्यन दत्त ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने विकेटों की संख्या पांच कर ली है। उन्होंने अब तक चार मैचों में पांच सफलताएं हासिल की हैं। एक स्पिनर के लिए, विशेषकर नीदरलैंड जैसी टीम की ओर से खेलते हुए, यह एक सराहनीय प्रदर्शन है। उनकी गेंदबाजी में निरंतरता, लेंथ में बदलाव और बल्लेबाजों को उलझाने की क्षमता साफ देखी जा सकती है।
दाएं हाथ के इस ऑफ-ब्रेक गेंदबाज ने भारत जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप के सामने घुटने नहीं टेके बल्कि उन्हें चुनौती दी। उनकी गेंदों में जो फ्लाइट और टर्न था, उससे साफ जाहिर होता था कि उन्होंने अच्छी तैयारी की है। वह गेंद को अलग-अलग गति से डाल रहे थे, जिससे बल्लेबाजों को टाइमिंग करने में दिक्कत हो रही थी। अभिषेक शर्मा और इशान किशन जैसे सीनियर बल्लेबाजों को उन्होंने जिस अंदाज में बोल्ड किया, वह उनके आत्मविश्वास और काबिलियत को बयां करता है।
मैच में वापसी की कोशिश
हालांकि आर्यन दत्त के इन दो विकेटों से नीदरलैंड को उम्मीद जगी थी कि वे भारत पर दबाव बना सकते हैं, लेकिन भारतीय टीम के पास गहराई और अनुभव था। सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या जैसे बल्लेबाजों ने पारी को संभाला और टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। लेकिन इस जीत के बीच आर्यन दत्त का प्रदर्शन एक उजले पहलू की तरह उभरकर सामने आया।
उनकी गेंदबाजी के आंकड़े सिर्फ 2/19 भर नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि छोटी टीमों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है और वे बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं। आर्यन दत्त ने यह साबित कर दिया कि अगर सही मंच और मौका मिले तो वे किसी भी बल्लेबाज के लिए मुसीबत बन सकते हैं।
भविष्य के सितारे
आर्यन दत्त की इस सफलता ने उनकी ओर दुनिया का ध्यान खींचा है। वह नीदरलैंड क्रिकेट के उभरते हुए चेहरों में से एक हैं। उनकी कंट्रोल वाली स्पिन गेंदबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें आने वाले समय के लिए एक खतरनाक गेंदबाज बनाती है।
भारत के खिलाफ मैच में उनका यह प्रदर्शन उनके करियर का सबसे यादगार पल हो सकता है। दो दिग्गज भारतीय सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। क्रिकेट जगत के जानकारों का मानना है कि अगर आर्यन दत्त इसी तरह निरंतर प्रयास करते रहे तो वह नीदरलैंड के लिए एक अहम गेंदबाज साबित हो सकते हैं और आने वाले वर्षों में क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं।
इस मैच के बाद आर्यन दत्त ने साबित कर दिया कि क्रिकेट का मैदान कितना भी बड़ा हो, हुनर और मेहनत से कोई भी खिलाड़ी अपनी धाक जमा सकता है। नीदरलैंड की टीम भले ही यह मैच हार गई हो, लेकिन उन्हें एक नया हीरो जरूर मिल गया है – आर्यन दत्त।