अहमदाबाद विमान दुर्घटना: एक विस्तृत रिपोर्ट
12 जून 2025 को गुजरात के Ahmedabad Air Crash में हुई एक भीषण विमान दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर रही थी, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघानीनगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से केवल एक व्यक्ति जीवित बचा, जबकि बाकी सभी की मृत्यु हो गई। यह भारत की सबसे भयावह विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है। इस लेख में हम इस त्रासदी के विभिन्न पहलुओं, कारणों, परिणामों, और जांच प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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दुर्घटना का विवरण
एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-ANB था, 12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे रनवे 23 से टेकऑफ करने के बाद केवल पांच मिनट के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। टेकऑफ के तुरंत बाद पायलट ने मेडे कॉल (Mayday Call) जारी किया, जो एक आपातकालीन संदेश होता है, लेकिन इसके बाद विमान से हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) को कोई जवाब नहीं मिला।
विमान मेघानीनगर के एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास पर जा गिरा, जिसके परिणामस्वरूप भयंकर आग लग गई। विमान में मौजूद 1.25 लाख लीटर ईंधन ने आग को और भड़काया, जिससे बचाव कार्य लगभग असंभव हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहा था और उसे ऊंचाई हासिल करने में कठिनाई हो रही थी। दुर्घटना के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई दीं।
पीड़ित और हताहत
इस दुर्घटना में 294 से अधिक लोगों की मृत्यु होने की आशंका है, जिसमें विमान के यात्री, चालक दल, और जमीन पर मौजूद लोग शामिल हैं। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इस विमान में सवार थे और उनकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा, बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रहने वाले चार एमबीबीएस छात्रों और एक डॉक्टर की पत्नी की भी मृत्यु हुई।
केवल एक यात्री, विशवास कुमार रमेश, जो सीट 11A पर बैठे थे, चमत्कारिक रूप से बच निकले। वह एक भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्हें मामूली चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की।
दुर्घटना के बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 265 शव लाए गए, और 41 घायलों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूने एकत्र किए गए, क्योंकि अधिकांश शव जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।
तत्काल प्रतिक्रिया और बचाव कार्य
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारतीय सेना, और स्थानीय पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया। छह NDRF टीमें, आग बुझाने वाली गाड़ियां, और दर्जनों एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं।
हालांकि, विमान में मौजूद भारी मात्रा में ईंधन के कारण आग इतनी भीषण थी कि शुरुआती बचाव प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, जिसके कारण तापमान इतना अधिक हो गया कि किसी को बचाने का कोई मौका नहीं था।”
अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जी.एस. मलिक ने बताया कि लगभग 70-80% क्षेत्र को खाली कर लिया गया था, और बचाव कार्य तेजी से चल रहा था। भारतीय सेना ने अपने कैंटोनमेंट की दीवार तोड़कर बचाव कार्यों को आसान बनाया।
सरकारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को “हृदय विदारक” करार देते हुए ट्वीट किया, “अहमदाबाद की त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह हृदय विदारक है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं।” उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से बात की और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे को “अत्यंत दर्दनाक और चौंकाने वाला” बताया और सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की ताकि सभी संदेह दूर हो सकें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस त्रासदी पर दुख व्यक्त किया और कहा कि यह एक “हृदय विदारक आपदा” है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
इस दुर्घटना में 53 ब्रिटिश नागरिकों की मृत्यु के कारण ब्रिटेन ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक जांच दल को भारत भेजा, जिसका नेतृत्व विदेश सचिव डेविड लैमी कर रहे हैं। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को समर्थन की पेशकश की और शोक संदेश भेजा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, और तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। यूरोपीय संघ ने अपने झंडे को आधा झुका कर शोक व्यक्त किया।
जांच और संभावित कारण
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को औपचारिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया। जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के प्रोटोकॉल के अनुसार की जा रही है। एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है, जो इस हादसे के कारणों का पता लगाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें करेगी।
दुर्घटना की जांच में ब्लैक बॉक्स, जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं, की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एक ब्लैक बॉक्स पहले ही बरामद कर लिया गया है, और इसका विश्लेषण शुरू हो चुका है।
प्रारंभिक जांच में कई संभावित कारण सामने आए हैं, जिनमें ओवरलोडिंग, पक्षी से टकराना, इंजन विफलता, या मानवीय त्रुटि शामिल हैं। विमान के लैंडिंग गियर के नीचे रहने की भी चर्चा है, जो सामान्य उड़ान के दौरान ऊपर होना चाहिए।
एयर इंडिया और बोइंग की प्रतिक्रिया
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि एयरलाइन प्रभावित परिवारों को “सटीक और समय पर जानकारी” प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एयर इंडिया ने दो राहत उड़ानें, एक दिल्ली से और एक मुंबई से, अहमदाबाद के लिए शुरू कीं ताकि यात्रियों के परिजनों को सहायता मिल सके।
बोइंग ने एक बयान जारी कर कहा कि वह इस घटना से अवगत है और एयर इंडिया के साथ मिलकर जांच में सहयोग कर रहा है। यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की पहली दुर्घटना है, जो 2011 से व्यावसायिक उड़ानें भर रहा है।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इस दुर्घटना ने अहमदाबाद के स्थानीय समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया। बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में हुए नुकसान ने चिकित्सा समुदाय को भी प्रभावित किया। टाटा समूह, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता और घायलों के चिकित्सा खर्च वहन करने की घोषणा की।
अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया, जिसके कारण कई यात्री फंस गए। भारतीय रेलवे ने फंसे यात्रियों की मदद के लिए वंदे भारत ट्रेनें शुरू कीं।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना एक ऐसी त्रासदी है जिसने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को दुखी किया है। यह घटना हमें विमानन सुरक्षा के महत्व और आपातकालीन तैयारियों की आवश्यकता को याद दिलाती है। जांच के नतीजे आने तक यह कहना मुश्किल है कि इस हादसे का सटीक कारण क्या था, लेकिन यह निश्चित है कि इससे सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इस दुख की घड़ी में हम सभी प्रभावित परिवारों के साथ हैं और उनकी पीड़ा में भागीदार हैं।