भुट्टा: पोषण और स्वास्थ्य का खजाना (मक्का) के औषधीय गुण और लाभ

भुट्टा खाने के फायदे: विस्तृत जानकारी

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भुट्टा, जिसे मक्का या मकई के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो भारत में विशेष रूप से बारिश के मौसम में बहुत लोकप्रिय है। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। आयुर्वेद में भुट्टे को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है, जो विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोगी है। यह लेख भुट्टा खाने के फायदों को विस्तार से बताएगा, जिसमें इसके पोषक तत्व, स्वास्थ्य लाभ, और इसे आहार में शामिल करने के तरीके शामिल हैं।

भुट्टा क्या है?

भुट्टा, जिसे वैज्ञानिक रूप से Zea mays कहा जाता है, Poaceae कुल का एक अनाज है। इसे हिंदी में मक्का, मकई, या भुट्टा, और अंग्रेजी में Maize या Corn के नाम से जाना जाता है। भारत में इसे विभिन्न नामों से पुकारा जाता है, जैसे:

  • संस्कृत: महाकाय, मकाय, कटिज
  • हिन्दी: मक्का, मकई, भुट्टा
  • उत्तराखंड: मूंगरी
  • उड़िया: बूटा
  • उर्दू: जावरी

भुट्टा एक बहुमुखी खाद्य पदार्थ है, जिसे उबालकर, भूनकर, या विभिन्न व्यंजनों में शामिल करके खाया जाता है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पोषक तत्वों का भंडार भी है।

भुट्टे के पोषक तत्व

भुट्टा कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो इसे एक संपूर्ण आहार बनाते हैं। इसमें निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं:

  1. कार्बोहाइड्रेट्स: भुट्टा ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट्स की अच्छी मात्रा होती है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।
  2. फाइबर: भुट्टे में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  3. विटामिन्स:
    • विटामिन A: आंखों और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक।
    • विटामिन B-complex: थियामिन (B1), नियासिन (B3), और फोलिक एसिड (B9) ऊर्जा उत्पादन और कोशिका निर्माण में सहायक।
    • विटामिन C: इम्यूनिटी को बढ़ाने और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।
    • विटामिन E: त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद।
  4. मिनरल्स:
    • मैग्नीशियम: हड्डियों और मांसपेशियों के लिए महत्वपूर्ण।
    • पोटैशियम: हृदय और रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
    • आयरन: रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायक।
    • जिंक: इम्यून सिस्टम और त्वचा के लिए लाभकारी।
  5. एंटीऑक्सीडेंट्स: भुट्टे में ल्यूटिन, ज़ीएक्सैन्थिन, और फाइटोकेमिकल्स जैसे पॉलीफेनोल्स मौजूद होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।
  6. प्रोटीन: भुट्टे में प्रोटीन की मात्रा मध्यम होती है, जो मांसपेशियों के निर्माण में मदद करती है।
  7. कम फैट: भुट्टे में फैट की मात्रा बहुत कम होती है, जो इसे वजन नियंत्रण के लिए उपयुक्त बनाता है।

भुट्टा खाने के स्वास्थ्य लाभ

1. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है

भुट्टे में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह कब्ज, अपच, और पेट की गैस जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। फाइबर मल त्याग को नियमित करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है। भुट्टे का सेवन करने से पेट हल्का रहता है और पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती है। इसके अलावा, भुट्टे के कोमल बालों का काढ़ा बनाकर पीने से मूत्र संबंधी समस्याएं जैसे जलन और रुकावट दूर होती हैं।

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

भुट्टे में मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम, और फाइबर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और रक्तचाप को सामान्य रखता है। भुट्टे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। नियमित रूप से भुट्टा खाने से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है।

3. मधुमेह नियंत्रण में सहायक

भुट्टे में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो इसे मधुमेह रोगियों के लिए उपयुक्त बनाता है। इसमें मौजूद फाइबर और फाइटोकेमिकल्स रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। भुट्टे का नियमित सेवन करने से ब्लड शुगर स्पाइक्स को रोका जा सकता है, जो मधुमेह के प्रबंधन में महत्वपूर्ण है। हालांकि, मध्यम मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए, खासकर अगर इसे मीठे कॉर्न के रूप में खाया जा रहा हो।

4. वजन नियंत्रण में मदद

भुट्टा कम कैलोरी और उच्च फाइबर वाला खाद्य पदार्थ है, जो वजन घटाने में सहायक है। फाइबर की अधिक मात्रा के कारण यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो वजन कम करना चाहते हैं। भुना हुआ भुट्टा या उबला हुआ भुट्टा बिना अतिरिक्त मसाले या मक्खन के खाने से वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।

5. आंखों के लिए लाभकारी

भुट्टे में मौजूद ल्यूटिन और ज़ीएक्सैन्थिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। ये तत्व मोतियाबिंद और मैक्यूलर डिजनरेशन जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं। विटामिन A की मौजूदगी आंखों की रोशनी को बढ़ाने और रात के अंधेपन को रोकने में सहायक है।

6. इम्यूनिटी को बढ़ाता है

भुट्टे में विटामिन C, विटामिन A, और जिंक जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। खासकर बारिश के मौसम में, जब इम्यूनिटी कमजोर होने का खतरा रहता है, भुट्टा खाने से शरीर को मौसमी बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को संक्रमण और सूजन से बचाते हैं।

7. हड्डियों को मजबूत बनाता है

भुट्टे में प्राकृतिक कैल्शियम और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों से बचाने में मदद करती है। यह विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें हड्डियों की मजबूती की अधिक आवश्यकता होती है।

8. एनीमिया को रोकता है

भुट्टे में आयरन और फोलिक एसिड की मौजूदगी इसे एनीमिया के इलाज में उपयोगी बनाती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है और शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर करता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भुट्टा विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि यह आयरन की कमी को पूरा करता है।

9. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

भुट्टे में मौजूद विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। यह त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है और उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करता है। इसके अलावा, भुट्टे के तेल का उपयोग बालों को मजबूत करने और रूसी को कम करने के लिए किया जा सकता है।

10. मूत्र संबंधी समस्याओं में राहत

भुट्टे के कोमल बालों (कॉर्न सिल्क) का काढ़ा बनाकर पीने से मूत्र संबंधी समस्याओं जैसे पेशाब में जलन, रुक-रुक कर पेशाब आना, और गुर्दे की कमजोरी में राहत मिलती है। यह मूत्रवर्धक (diuretic) गुणों के कारण मूत्र के प्रवाह को बढ़ाता है और पथरी जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करता है।

भुट्टे के औषधीय उपयोग

आयुर्वेद में भुट्टे के विभिन्न हिस्सों का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। इसके कुछ प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:

  1. भुट्टे के बाल (कॉर्न सिल्क):
    • इनका काढ़ा बनाकर पीने से मूत्र संबंधी समस्याएं, जैसे सूजाक, पथरी, और जलन, दूर होती हैं।
    • यह सूजन और दर्द को कम करने में भी सहायक है।
  2. भुट्टे के बीज:
    • बीजों का चूर्ण बनाकर दांतों पर रगड़ने से दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में राहत मिलती है।
    • यह रक्तस्राव (रक्तपित्त) को रोकने में भी उपयोगी है।
  3. भुट्टे का पानी:
    • भुट्टे को उबालकर उस पानी को मिश्री के साथ पीने से पेशाब की जलन और गुर्दे की समस्याएं ठीक होती हैं।

भुट्टा खाने के तरीके

भुट्टे को विभिन्न स्वादिष्ट तरीकों से आहार में शामिल किया जा सकता है:

  1. भुना हुआ भुट्टा: भुट्टे को कोयले या आग पर भूनकर, उसमें नींबू, नमक, और मिर्च डालकर खाया जाता है। यह सबसे लोकप्रिय तरीका है।
  2. उबला हुआ भुट्टा: भुट्टे को पानी में उबालकर, उसमें नमक और मक्खन डालकर खाया जा सकता है।
  3. कॉर्न सलाद: भुट्टे के दानों को टमाटर, प्याज, खीरा, और मसालों के साथ मिलाकर सलाद बनाया जा सकता है।
  4. कॉर्न सूप: भुट्टे के दानों से स्वादिष्ट और पौष्टिक सूप तैयार किया जा सकता है।
  5. मक्के की रोटी: मक्के के आटे से बनी रोटी, खासकर सर्दियों में, सरसों के साग के साथ बहुत पसंद की जाती है।
  6. पॉपकॉर्न: भुट्टे के दानों को भूनकर पॉपकॉर्न बनाया जाता है, जो एक हल्का और स्वस्थ नाश्ता है।

भुट्टा खाने के नुकसान और सावधानियां

हालांकि भुट्टा खाने के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:

  1. अधिक मात्रा में न खाएं: भुट्टे में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे अधिक खाने से वजन बढ़ सकता है।
  2. मीठा कॉर्न सावधानी से खाएं: मीठे कॉर्न में ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा अधिक हो सकती है, जो हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा सकती है।
  3. एलर्जी की जांच: कुछ लोगों को मक्के से एलर्जी हो सकती है। इसे पहली बार खाने से पहले थोड़ी मात्रा में आजमाएं।
  4. जीएम कॉर्न से बचें: कुछ अध्ययनों में जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) कॉर्न को मधुमेह और कैंसर जैसे रोगों से जोड़ा गया है। इसलिए देसी या गावंर भुट्टा खाना बेहतर है।
  5. पाचन संबंधी समस्याएं: अगर आपको पहले से पाचन संबंधी समस्याएं हैं, तो भुट्टे को सीमित मात्रा में खाएं, क्योंकि अधिक फाइबर से दस्त हो सकता है।

भुट्टे से बने व्यंजनों की रेसिपी

1. भुना हुआ भुट्टा

सामग्री:

  • 2 ताजे भुट्टे
  • 1 नींबू
  • नमक स्वादानुसार
  • लाल मिर्च पाउडर
  • चाट मसाला

विधि:

  1. भुट्टे को छीलकर साफ करें और कोयले या गैस पर धीमी आंच पर भूनें।
  2. भुनने के बाद, नींबू का रस, नमक, लाल मिर्च पाउडर, और चाट मसाला छिड़कें।
  3. गर्मागर्म परोसें।

2. कॉर्न सलाद

सामग्री:

  • 1 कप उबले हुए मक्के के दाने
  • 1 छोटा प्याज (बारीक कटा)
  • 1 टमाटर (बारीक कटा)
  • 1 खीरा (बारीक कटा)
  • 1 हरी मिर्च (बारीक कटी)
  • 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
  • नमक और काली मिर्च स्वादानुसार
  • हरा धनिया (सजाने के लिए)

विधि:

  • एक बड़े कटोरे में मक्के के दाने, प्याज, टमाटर, खीरा, और हरी मिर्च मिलाएं।
  • इसमें नींबू का रस, नमक, और काली मिर्च डालकर अच्छे से मिलाएं।
  • हरे धनिए से सजाकर ठंडा परोसें।

फ़ायदे

  • भुट्टा न केवल एक स्वादिष्ट और किफायती खाद्य पदार्थ है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
  • इसके पोषक तत्व, जैसे फाइबर, विटामिन्स, और मिनरल्स, इसे एक संपूर्ण आहार बनाते हैं।
  • यह पाचन, हृदय, आंखों, हड्डियों, और इम्यूनिटी के लिए लाभकारी है।
  • आयुर्वेद में इसके औषधीय गुणों का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है। हालांकि, इसे संतुलित मात्रा में खाना चाहिए और जीएम कॉर्न से बचना चाहिए।
  • भुट्टे को अपने आहार में विभिन्न स्वादिष्ट तरीकों से शामिल करके आप इसके स्वास्थ्य लाभों का आनंद ले सकते हैं।

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