Sanjay kapoor : करिश्मा कपूर के पूर्व पति की जीवनी, नेटवर्थ, परिवार और निधन

Sanjay kapoor (1971 – 12 जून 2025) एक भारतीय उद्योगपति और ऑटोमोटिव उद्योग के प्रमुख नेता थे, जिन्हें सोना कॉम्स्टार के चेयरमैन और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के अध्यक्ष के रूप में जाना जाता था। वे बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पूर्व पति थे और अपनी व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ अपने निजी जीवन के कारण भी चर्चा में रहे। 12 जून 2025 को, 53 वर्ष की आयु में, लंदन में पोलो खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से उनका असामयिक निधन हो गया।

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प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

Sanjay kapoor का जन्म 1971 में दिल्ली, भारत में एक प्रतिष्ठित व्यवसायी परिवार में हुआ था। उनके पिता, डॉ. सुरिंदर कपूर, सोना ग्रुप के संस्थापक थे, जो भारत के ऑटोमोटिव उद्योग में एक अग्रणी नाम है। संजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पूरी की। इसके बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम की ओर रुख किया, जहां उन्होंने लंदन के व्हार्टन स्कूल ऑफ बिजनेस से बिजनेस मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की। उनकी शिक्षा ने उन्हें व्यवसाय और उद्योग के क्षेत्र में एक मजबूत आधार प्रदान किया, जिसका उपयोग उन्होंने बाद में सोना ग्रुप को वैश्विक स्तर पर ले जाने में किया।

संजय बचपन से ही खेलों, विशेष रूप से पोलो और मोटरस्पोर्ट्स, के प्रति उत्साही थे। उनकी रुचि केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं थी; वे पोलो में सक्रिय रूप से भाग लेते थे और इस खेल में उनकी गहरी रुचि थी। यह उत्साह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा और उनकी मृत्यु तक बरकरार रहा।

व्यावसायिक करियर

सोना कॉम्स्टार और ऑटोमोटिव उद्योग

Sanjay kapoor ने अपने पिता द्वारा स्थापित सोना ग्रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे सोना कॉम्स्टार के चेयरमैन थे, जो ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और कंपोनेंट्स का एक वैश्विक आपूर्तिकर्ता है। कंपनी इलेक्ट्रिक और पारंपरिक वाहनों के लिए पुर्जों का निर्माण करती है और भारत के ऑटोमोटिव क्षेत्र में एक प्रमुख नाम है। संजय ने कंपनी को नवाचार, स्थिरता और तकनीकी उन्नति के आधार पर वैश्विक स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग को बढ़ावा देने और नीतिगत सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में, सोना कॉम्स्टार ने कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को स्थापित किया और कंपनी की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत किया। संजय की दूरदर्शिता और नेतृत्व ने कंपनी को एक स्थायी और नवोन्मेषी संगठन के रूप में स्थापित किया।

अन्य व्यावसायिक गतिविधियां

Sanjay kapoor ने सोना ग्रुप के अलावा अन्य व्यावसायिक उपक्रमों में भी निवेश किया था। वे विभिन्न स्टार्टअप्स और तकनीकी कंपनियों में निवेशक के रूप में सक्रिय थे। उनकी व्यावसायिक रणनीतियों में नवाचार और जोखिम लेने की क्षमता शामिल थी, जिसने उन्हें उद्योग में एक सम्मानित नाम बनाया।

निजी जीवन

Sanjay kapoor का निजी जीवन हमेशा सुर्खियों में रहा, विशेष रूप से उनकी शादियां और बॉलीवुड से संबंध। उनकी तीन शादियां थीं, जिनमें से प्रत्येक ने मीडिया का ध्यान आकर्षित किया।

नंदिता महतानी के साथ पहली शादी

संजय की पहली शादी 1996 में मुंबई की फैशन डिजाइनर नंदिता महतानी से हुई थी। यह शादी चार साल तक चली और 2000 में दोनों अलग हो गए। इस शादी से कोई संतान नहीं थी, और दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया।

करिश्मा कपूर के साथ दूसरी शादी

2003 में, संजय ने बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर से शादी की। यह शादी एक भव्य सिख समारोह में करिश्मा के पारिवारिक निवास, कृष्णा राज बंगले, मुंबई में हुई थी। इस शादी को करिश्मा की मां, बबीता कपूर ने समर्थन दिया था, हालांकि उनके पिता, रणधीर कपूर, इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे।

संजय और करिश्मा के दो बच्चे हैं: बेटी समायरा (जन्म 2005) और बेटा कियान (जन्म 2011)। हालांकि, उनका वैवाहिक जीवन उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2014 में, दोनों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए अर्जी दी, और 2016 में उनका तलाक अंतिम रूप से हो गया। तलाक के बाद, दोनों ने अपने बच्चों की सह-पालन-पोषण की जिम्मेदारी को साझा किया और अपने बच्चों के प्रति समर्पण बनाए रखा।

प्रिया सचदेव के साथ तीसरी शादी

2017 में, संजय ने मॉडल और उद्यमी प्रिया सचदेव से शादी की, जो पहले अमेरिकी होटल व्यवसायी विक्रम चटवाल से विवाहित थीं। इस दंपति का एक बेटा, अजारियास कपूर, है। प्रिया ने संजय के निधन पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

नेटवर्थ

Sanjay kapoor की कुल संपत्ति का सटीक अनुमान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन विभिन्न स्रोतों के अनुसार, उनकी नेटवर्थ ₹500 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह संपत्ति उनके सोना कॉम्स्टार के नेतृत्व, अन्य व्यावसायिक निवेशों और उनकी पारिवारिक संपत्ति से आई थी। उनके पास दिल्ली और मुंबई में कई आवासीय संपत्तियां थीं, और वे एक शानदार जीवनशैली जीते थे। उनकी संपत्ति में लग्जरी कारें, पोलो से संबंधित उपकरण, और अन्य निवेश भी शामिल थे।

संजय की आय का मुख्य स्रोत सोना कॉम्स्टार था, जो ऑटोमोटिव उद्योग में एक लाभकारी कंपनी है। इसके अलावा, उनके स्टार्टअप्स में निवेश और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों ने भी उनकी संपत्ति में योगदान दिया।

निधन और विवादास्पद दावे

12 जून 2025 को, Sanjay kapoor का लंदन में पोलो खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 53 वर्ष के थे। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि खेल के दौरान मधुमक्खी निगलने से उनकी मृत्यु हुई, जिसके कारण संभवतः एलर्जी या श्वास नली में रुकावट हुई। हालांकि, उनकी कंपनी, सोना कॉम्स्टार, ने पुष्टि की कि उनकी मृत्यु का कारण दिल का दौरा था।

संजय की मृत्यु की खबर ने उनके परिवार, दोस्तों और व्यावसायिक सहयोगियों को सदमे में डाल दिया। उनकी मृत्यु से कुछ घंटे पहले, उन्होंने अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे के पीड़ितों के लिए अपनी एक्स हैंडल पर एक शोक संदेश पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “अहमदाबाद में हुए दुखद एयर इंडिया हादसे की भयानक खबर।” यह संदेश उनकी मृत्यु के बाद वायरल हो गया।

उनके निधन के बाद, करिश्मा कपूर के मुंबई स्थित आवास पर उनकी बहन करीना कपूर खान, सैफ अली खान, और मलाइका अरोड़ा सहित कई हस्तियां शोक व्यक्त करने पहुंचीं। उनकी करीबी दोस्त शालिनी पासी ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और जीवन की नश्वरता पर टिप्पणी की।

व्यक्तित्व और विरासत

Sanjay kapoor को उनके करिश्माई व्यक्तित्व, व्यवसाय में नवाचार और खेलों के प्रति जुनून के लिए जाना जाता था। वे एक समर्पित पिता थे और अपने बच्चों के साथ घनिष्ठ संबंध रखते थे। पोलो और मोटरस्पोर्ट्स में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें सामाजिक और कॉरपोरेट सर्किल में एक लोकप्रिय व्यक्तित्व बनाया।

उनकी व्यावसायिक विरासत सोना कॉम्स्टार के माध्यम से जीवित रहेगी, जिसे उन्होंने वैश्विक स्तर पर एक प्रतिष्ठित ब्रांड बनाया। उनकी मृत्यु को भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति माना गया। उनके सहयोगियों और दोस्तों ने उन्हें एक दयालु, उदार और दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया।

निष्कर्ष

Sanjay kapoor का जीवन एक प्रेरणादायक कहानी है – एक व्यक्ति ने, जिसने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया और ऑटोमोटिव उद्योग में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनकी मृत्यु ने उनके परिवार, दोस्तों और सहयोगियों को गहरा दुख पहुंचाया। उनकी व्यावसायिक उपलब्धियां, खेलों के प्रति जुनून और सामाजिक संबंधों ने उन्हें एक यादगार व्यक्तित्व बनाया। उनकी असामयिक मृत्यु ने उनके प्रशंसकों और भारतीय उद्योग जगत में एक शून्य छोड़ दिया है, लेकिन उनकी विरासत उनके बच्चों और सोना कॉम्स्टार के माध्यम से जीवित रहेगी।

By ROHIT