आज के दौर में पुरुषों में प्रजनन क्षमता से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन समस्याओं में से एक प्रमुख समस्या है – शुक्राणु की संख्या (Sperm Count) में कमी। कई वैज्ञानिक रिपोर्टों और मेडिकल शोधों में यह पाया गया है कि पिछले कुछ दशकों में पुरुषों में शुक्राणु की संख्या में खतरनाक रूप से गिरावट आई है। यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, बल्कि जनसंख्या और प्रजनन दर के लिए भी गंभीर संकेत है।आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि शुक्राणु की संख्या कम क्यों हो रही है, इसके मुख्य कारण क्या हैं, लक्षण क्या हो सकते हैं, और इससे कैसे बचा जा सकता है।

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शुक्राणु की सामान्य संख्या कितनी होनी चाहिए?
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार, एक स्वस्थ पुरुष के सीमेन (वीर्य) में प्रति मिलीलीटर लगभग 15 मिलियन से अधिक शुक्राणु होने चाहिए। यदि यह संख्या इससे कम हो जाती है, तो उसे Low Sperm Count (Oligospermia) कहा जाता है। और यदि वीर्य में बिल्कुल भी शुक्राणु नहीं हैं, तो उसे Azoospermia कहा जाता है।
शुक्राणु की संख्या कम होने के मुख्य कारण
गलत जीवनशैली (Unhealthy Lifestyle)धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन – तंबाकू और शराब शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या दोनों को प्रभावित करते हैं।
जंक फूड और असंतुलित आहार – शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे हार्मोनल असंतुलन होता है।
शारीरिक निष्क्रियता – व्यायाम की कमी से मोटापा बढ़ता है और टेस्टोस्टेरोन लेवल गिरता है।
2. तनाव और मानसिक दबावक्रोनिक स्ट्रेस हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन कम हो जाता है और शुक्राणु निर्माण पर असर पड़ता है।
3. मोबाइल और लैपटॉप की गर्मीलैपटॉप को गोद में रखने या मोबाइल फोन को जेब में रखने से होने वाली गर्मी टेस्टिकल्स के तापमान को बढ़ा देती है, जिससे शुक्राणु क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
4. नींद की कमीनींद की कमी टेस्टोस्टेरोन उत्पादन में बाधा डालती है, जिससे शुक्राणु कम बनते हैं।
5. पर्यावरणीय प्रदूषणहवा, पानी और भोजन में मौजूद प्लास्टिक, कीटनाशक, भारी धातुएं और रसायन शुक्राणुओं पर नकारात्मक असर डालते हैं।
6. हार्मोनल असंतुलनथायरॉइड, टेस्टोस्टेरोन या पिट्यूटरी ग्रंथि में गड़बड़ी से शुक्राणु की संख्या प्रभावित हो सकती है।
7. दवाइयों और स्टेरॉयड का सेवनकुछ एंटीबायोटिक्स, एंटी-डिप्रेसेंट्स, कीमोथेरेपी दवाइयाँ, और जिम में लिए जाने वाले स्टेरॉयड शुक्राणु उत्पादन को रोक सकते हैं।
8. यौन संक्रमित रोग (STD)क्लैमिडिया, गोनोरिया जैसी बीमारियाँ शुक्राणु वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
कम शुक्राणु की पहचान कैसे करें? (लक्षण)
Low sperm count का पता आमतौर पर तब चलता है जब दंपति गर्भधारण में समस्या का सामना करते हैं। लेकिन इसके कुछ अन्य संकेत भी हो सकते हैं:
यौन इच्छा में कमीस्तंभन दोष (erectile dysfunction)
अंडकोष में दर्द या सूजन
शरीर में बालों की कमीहॉर्मोन असंतुलन के लक्षण (जैसे थकान, चिड़चिड़ापन)
जांच और इलाज कैसे होता है?
Semen Analysis (वीर्य जांच) – शुक्राणु की संख्या, गतिशीलता और आकृति की जांच की जाती है।
Blood Test – टेस्टोस्टेरोन और अन्य हार्मोन की जांच।
Ultrasound – अंडकोष या शुक्राणु वाहिकाओं की संरचना देखने के लिए।
Genetic Testing – यदि समस्या लंबे समय से है तो।
इलाज
लाइफस्टाइल में सुधारडॉक्टर की सलाह से दवाइयाँहार्मोनल थेरेपीयदि ज़रूरत हो तो IVF या ICSI जैसे तकनीकी विकल्प
शुक्राणु की संख्या कैसे बढ़ाएँ? (उपाय)
स्वस्थ आहार लें – फोलिक एसिड, विटामिन C, D, E, ज़िंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड लें।
नियमित व्यायाम करें – योग, ध्यान और कार्डियो से तनाव भी कम होगा और टेस्टोस्टेरोन भी बढ़ेगा।
धूम्रपान और शराब से दूर रहें
नींद पूरी करें (7-8 घंटे)ढीले कपड़े पहनें – खासतौर पर अंडरवियर टाइट न पहनें।
लैपटॉप गोद में न रखेंगर्म पानी के टब में ज्यादा देर तक न बैठें
Low sperm count एक गंभीर लेकिन संभालने योग्य समस्या है। बदलती जीवनशैली और बढ़ते प्रदूषण ने इस समस्या को और आम बना दिया है। लेकिन समय पर जांच और सही उपायों से इसे सुधारा जा सकता है। यदि आप गर्भधारण में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, तो शर्म न करें, एक विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें। स्वस्थ शरीर और मन ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी हैं।
शुक्राणु (sperm) की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कुछ खास dry fruits (सूखे मेवे) बेहद फायदेमंद होते हैं। ये न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, बल्कि टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने और शुक्राणु की गतिशीलता सुधारने में भी मदद करते हैं।यहाँ सर्वश्रेष्ठ dry fruits की लिस्ट है जो sperm count बढ़ाने में मददगार हैं:
1. अखरोट (Walnuts)फायदा: ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर, जो शुक्राणु की गतिशीलता और गुणवत्ता बढ़ाता है।
कैसे खाएं: रोज़ 4–5 भीगे हुए अखरोट सुबह खाएं।
2. बादाम (Almonds)फायदा: विटामिन E और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर, जो शुक्राणुओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
कैसे खाएं: 5–7 भीगे बादाम सुबह या स्मूथी में।–
3. काजू (Cashew Nuts)फायदा: ज़िंक का अच्छा स्रोत, जो टेस्टोस्टेरोन और शुक्राणु उत्पादन में सहायक है।
कैसे खाएं: सीमित मात्रा में (4–5 काजू), अधिक नहीं क्योंकि इनमें फैट होता है।
4. किशमिश (Raisins)फायदा: आयरन और पोटैशियम से भरपूर, जो ब्लड सर्कुलेशन और सेक्स ड्राइव बढ़ाता है।
कैसे खाएं: 10–12 किशमिश भिगोकर खाएं।
5. अंजीर (Figs)फायदा: आयरन, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर, जिससे शुक्राणु की संख्या बढ़ती है।
कैसे खाएं: 2–3 अंजीर रातभर भिगोकर सुबह खाएं।–
6. खजूर (Dates)फायदा: प्राकृतिक शुगर और अमीनो एसिड से भरपूर, सेक्स पावर और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करता है।
कैसे खाएं: 2–3 खजूर दिन में कभी भी, दूध के साथ बेहतर है।—